प्राचार्य पर जातिगत उत्पीड़न का आरोप , व्याख्याता ने एसपी, कलेक्टर व शिक्षा अधिकारी से की न्याय की मांग

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।(खबरो का राजा) : शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पकरिया में पदस्थ व्याख्याता श्री गिरीश चंद्र लहरे ने विद्यालय के प्राचार्य श्री राम किशोर साहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज करने की अनुमति मांगी है। इस संबंध में उन्होंने आज दिनांक 10 नवंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक, कलेक्टर तथा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया है। अपने आवेदन में व्याख्याता लहरे ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य राम किशोर साहू पिछले दो वर्षों से लगातार उन्हें जातिगत, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बारे में कई बार विभागीय एवं उच्चाधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। लहरे ने बताया कि उन्होंने दिनांक 8 नवंबर 2025 को नियमानुसार ऑनलाइन आकस्मिक अवकाश हेतु आवेदन किया था, लेकिन 10 नवंबर को विद्यालय पहुँचने पर प्राचार्य ने उनके अवकाश पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए उपस्थिति रजिस्टर में टिप्पणी दर्ज की। वहीं, उसी पृष्ठ पर व्याख्याता ज्योति दुबे (अंग्रेज़ी) द्वारा 7 व 8 नवंबर को अनुपस्थित रहने के बावजूद कोई प्रविष्टि नहीं की गई। इससे व्याख्याता लहरे ने खुद को पक्षपातपूर्ण व्यवहार का शिकार बताया है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही प्रताड़ना से वे मानसिक रूप से आहत हैं और उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वे घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य हैं और वर्तमान परिस्थिति में वे अत्यधिक तनावपूर्ण स्थिति में हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्राचार्य श्री राम किशोर साहू की होगी। लहरे ने अंत में जिला प्रशासन से निवेदन किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए।





